Om × Gudiya

दिल सँवर रहा है

Om to Gudiya

Kutti

कल तीन साल हो जाएँगे

गुड़िया — जिसे ओम प्यार से Kutti कहता है। यह नाम दुलार का है। और यह पन्ना सिर्फ़ तुम्हारे लिए है।

25 October 2023

गुड़िया और ओम, पास से मुस्कुराते हुए
my day, every day

Days beside you

0 दिन से तुम इसी कहानी में हो

Until tomorrow

00घंटे
00मिनट
00सेकंड

01 — A letter

एक छोटा सा खत

Kutti,

कल तीन साल हो जाएँगे, जब से हम मिले हैं। डेट किए हुए भी उतने ही साल हो जाएँगे। और मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ।

दुनिया के लिए तुम गुड़िया हो। जब प्यार ज़्यादा हो जाता है, तो मैं तुम्हें Kutti कहता हूँ। यह नाम चिढ़ाने के लिए नहीं है। यह नाम इसलिए है, क्योंकि तुम मेरी अपनी हो।

तुम हँसती हो, तो दिन बन जाता है। तुम शरारत करती हो, तो रात छोटी पड़ जाती है। तुम्हारे मेहँदी वाले हाथ, कैफ़े की शामें, शीशे में खड़े हम — सब मैंने यहाँ रख दिया है, ताकि तुम देखो कि मैं ध्यान से देखता हूँ।

यह गाना पन्ना खुलते ही बजता है। Tera Ban Jaunga। तीस सेकंड आगे से, जहाँ दिल की बात शुरू होती है। सुनती रहो।

मैं पहले दिन से तुम्हारा हूँ। तीन साल बाद भी यह समय मुझे कम ही लगेगा।

तुम्हारा,
Om

Dil ki panktiyan

बहुत सारी बातें, एक ही दिल

  1. तुम्हारी हँसी से दिन बनता है, तुम्हारी चुप से मेरी रात।
  2. Kutti नाम दुलार का है। इसमें घमंड नहीं, सिर्फ़ अपनापन है।
  3. तीन साल छोटे पड़ते हैं, जब गिनती तुमसे शुरू होती है।
  4. मैं रास्ते भूल जाऊँ, तुम्हारा चेहरा नहीं भूलता।
  5. तुम्हारा हाथ मेरी बाँह पर हो, तो भीड़ भी घर लगती है।
  6. मेहँदी वाले हाथ ने मेरा गाल सँभाला, और मैं सँभल गया।
  7. कैफ़े की रोशनी भी तुम्हें देखकर नरम पड़ जाती है।
  8. शीशे में भी हम अलग नहीं दिखते। यही अच्छा है।
  9. लाल गुब्बारे उतर जाएँ, तुम्हारी शांति नहीं उतरती।
  10. मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ। यह पंक्ति हर शेर के बाद भी सच है।
  11. कल तीन साल होंगे। पर मेरे लिए तुम पहले दिन से ही पूरी ज़िंदगी हो।
  12. अगली हर रात भी तुम्हारी है। और उसके बाद वाली भी।

02 — A little trouble

तुम्हारी शरारत, मेरी रात

अँगूठे से आगे बढ़ाओ। तस्वीर छूने पर बड़ी खुलती है।

01 मेरी तरफ़ मुड़कर

02 चाँद भी चिपका लिया

03 यही रंग, ज़िंदगी भर

04 जब तक तुम साथ हो

03 — The days

जो तस्वीरें मैं भूलता नहीं

05 दुनिया तुम्हें गुड़िया कहे। मैं भी। प्यार में एक और नाम जोड़ देता हूँ।

06 तुम इतनी पास बैठती हो, फिर भी और पास होने का मन करता है।

07 एक ईयरफ़ोन कान में, बाकी आवाज़ मेरी। ऐसी शामें और चाहिए।

08 दुकानों के शीशे में भी हम एक ही फ्रेम में अच्छे लगते हैं।

09 तुम फ़ोन थामती हो, मैं तुम्हें देखूँ। यही मेरा पसंदीदा काम है।

10 लाल और सफ़ेद गुब्बारे, और बीच में तुम्हारी शांति।

11 दो कुर्सियाँ, दो पीस, एक ही शाम।

12 तुम्हारा हाथ मेरी बाँह पर हो, तो कमरा भी घर लगने लगता है।

13 जब तुम यूँ पकड़ लेती हो, मैं कहीं और नहीं जाना चाहता।

14 मेहँदी, सोने के कड़े, और वो हाथ जो मेरा गाल सँभाल ले।

मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ।

04 — Tomorrow, and after

कल भी।
उसके बाद भी।

तीन साल एक शुरुआत थी। आगे की सारी रातें भी तुम्हारी रहेंगी।

तुम्हारा,
Om

Tera Ban Jaunga · Kabir Singh · from 0:30

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